ईरान युद्ध प्रभाव पर पीएम मोदी की देशवासियों से अपील, पेट्रोल-डीज़ल बचाएं, सोना न खरीदें, विदेश न जाएं, सिर्फ स्वदेशी खरीदें
11 May 2026. New Delhi. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से सात अहम अपीलें की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर तेल कीमतों, सप्लाई चेन, खाद्य सुरक्षा और भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे समय में नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने, अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने और विदेशी सामान की जगह स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर देशवासी सामूहिक रूप से छोटे-छोटे कदम उठाएँगे तो भारत वैश्विक संकट का मजबूती से सामना कर सकेगा।
पीएम मोदी की सात प्रमुख अपीलों में ईंधन की बचत, “वर्क फ्रॉम होम” को बढ़ावा, सोने की खरीदारी बंद करना, खाद्य तेल की खपत घटाना और रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना शामिल है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से “मेक इन इंडिया” और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने पर जोर दिया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता का असर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर पड़ रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में सरकार हर स्तर पर वैकल्पिक रणनीतियों पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचता है तो महंगाई, उर्वरक आपूर्ति और परिवहन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। आने वाला समय काफ़ी मुश्किल भरा हो सकता है। LPG पर इसका असर पड़ रहा है, ऐसे में प्रधानमंत्री की अपील को आर्थिक अनुशासन और राष्ट्रीय सहभागिता से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “संकट के समय देश की ताकत केवल सरकार नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प होता है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन 7 बातों पर जोर दिया है:
- वर्क फ्रॉम होम (WFH): जहां भी संभव हो, तेल की खपत बचाने के लिए घर से काम करने को प्राथमिकता दें।
- स्वर्ण निवेश पर रोक: देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती देने के लिए अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें।
- ईंधन की बचत: निजी गाड़ियों का उपयोग कम करें और मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का सहारा लें।
- खाद्य तेल का संयम: आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल सीमित करें।
- विदेशी पर्यटन पर विराम: अगले एक वर्ष के लिए अपनी विदेश यात्राओं की योजनाओं को टाल दें।
- ‘लोकल फॉर ग्लोबल’: विदेशी ब्रांडों को छोड़कर पूरी तरह से भारतीय उत्पादों (Made in India) का चुनाव करें।
- प्राकृतिक खेती: रसायनों और महंगे उर्वरकों के उपयोग को कम करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें।
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