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गोलू देवता की कथा का तीसरा भाग, जब नवजात गोरिया को अपना सच पता चलने लगा

जैसा कि हम जानते हैं कि पिछले कुछ हफ्तों से हमने उत्तराखंड के देवी-देवताओं पर आपको लगातार जानकारी देने के लिए एक सीरीज शुरू की है, जिसमें हम आपको सबसे पहले उत्तराखंड में न्याय के लिए जाने जाने वाले गोलू देवता की जीवन कथा से परिचित करा रहे हैं । उत्तराखंड की दैव संस्कृति को करीब से जानने वाले भैरव जोशी आपको लगातार ये जानकारी दे रहे हैं । अभी…

इस सप्ताह का आपका राशिफल बता रही हैं नंदिता, टैरो कार्ड के जरिये सटीक जानकारी

साप्ताहिक टैरो भविष्य फल  (  १७  फ़रवरी    – २३ फ़रवरी  २०१९ )  नन्दिता पाण्डेय  ऐस्ट्रोटैरोलोजर , आध्यात्मिक गुरु, लाइफ़ कोच    मेष ( २२ मार्च – २१ अप्रैल )     कार्य क्षेत्र में कुछ बदलाव लेकर आ सकते हैं फिर वह आपके ऑफ़िस की साज सज्जा पर ही क्यों ना हो। आर्थिक स्तिथियाँ धीरे धीरे सुधरती जाएँगी। सेहत में ध्यान देने की आवश्यकता है एवं इस सप्ताह किए गए प्रयास…

उत्तराखंड के प्रसिद्ध गोलू देवता की जीवन कथा, न्याय के लिए हैं प्रसिद्ध

गोलू देवता की कहानी के पिछले हिस्से में आपने पड़ा कि नवजात गोलू देव को उनकी सात सौतेली मां एक लोहे के संदूक में डालकर नदी में बहा देती हैं… ( पिछले हिस्से की कहानी पड़ने के लिए क्लिक करें ) कथा का अगला भाग.. सातों रानियो ने बालक को लोहार द्वारा बने लोहे के संदूक में लिटाकर और सन्दूक में ताला लगा कर काली नदी में बहा दिया, हवा…

उत्तराखंड के देवी-देवता : न्याय के लिए प्रसिद्ध गोलू देव की कथा

दोस्तो उत्तराखंड देवभूमि है, यहां के कण-कण में देवताओं का वास है, हमारी इस खास सीरीज ” उत्तराखंड के देवी-देवता ” में हम राज्य में प्रसिद्ध देवी-देवताओं की कथा आपको बताएंगे, ताकि नई पीढ़ी उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा को समझ सके, भैरव जोशी आपको परिचित करवाएंगे, हमारे देवी-देवताओं से, सबसे पहले शुरुआत कर रहे हैं न्याय के लिए प्रसिद्ध गोलू देवता से, जिनका चितई मंदिर खासा लोकप्रिय है, तो…

उत्तरायणी पर्व विशेष – जब कौथिग के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा हुआ था उत्तराखंड

इस वक्त उत्तराखंड और उत्तराखंड से बाहर रहने वाले लोगों में उत्तरायणी या मकर संक्रांति को लेकर खासा उत्साह है, मकर संक्रांति से सूर्य का उत्तरायण प्रारंभ हो जाता है । शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण को देवताओं का दिन और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है , इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाओं का विशेष महत्व है । उत्तरायणी का पर्व 14 जनवरी, सोमवार को है, इस मौके…

लुप्त हो रहे हैं पहाड़ के ये पुराने घर, आधुनिक लेंटरों ने ले ली है इनकी जगह, देखिये तस्वीरें

दोस्तों आज, हमारे उत्तराखंड की संस्कृति मे एक बहुत अहम् चीज है, लकड़ी के ऊपर वास्तुकला। जो हर किसी के घर के दरवाजों और खिड़कियों के ऊपर बहुत आसानी से देखने को मिल जाती थी। लेकिन जहाँ लकड़ी के घरों की जगह पक्के सीमेंट के घरों ने ले ली हैं वहीं आज हम इस महत्वपूर्ण कला को भी खोते जा रहे हैं। आज यदि आप उत्तरांचल के गावो मे भ्रमण करे तो आप पाएंगे…

उत्तराखंड में यहां पैदा हुए थे पांडव, राजा पांडु ने इस मंदिर में की थी तपस्या, जानिए इस जगह को

आज हम आपको उत्तराखंड के योगध्यान बद्री मंदिर के बारे में बताते हैं, ये वह जगह है जहां पांचो पांडव पैदा हुए थे, किंवदंती है कि पांडवों के पिता पांडू ने यहां पर काम क्रीड़ा मेंं लिप्त दो हिरणों को मारने का पश्चाताप किया था, जो पूर्व जन्म मेंं साधू थे और भगवान विष्णु की पूजा की थी। योगध्यान बद्री मंदिर हिन्दूओं के प्रसिद्ध व प्राचीन मंदिर में से एक है।…

उत्तराखंड की पहचान है नथ/नथुली, आधुनिकता ने डिजाइन बदला पर परंपरा वही रही

देवभूमि उत्तराखंड का पहनावा पूरे देश में मशहूर है। अपनी परंपरागत वेशभूषा के लिए उत्तराखंड दुनिया भर में मशहूर है। महिलाएं रूप निखारने के लिए तरह-तरह के आभूषण शुरु से ही पहनती आई हैं। उत्तराखंड की महिलाओं को अलग पहचान दिलाने वाला और उनका रूप निखारने वाला, ऐसा ही एक आभूषण है उत्तराखंडी नथ, पहाड़ी नथ/नथूली जिसकी अपनी अलग ही पहचान है। जिस तरह से उत्तराखंड प्रदेश दो भाग गढ़वाल और…

उत्तराखंड- लौट आई गांवों की रंगत, ध्याणियों के झुमेलो, चौंफुला, दांकुणी के गीतों से

इन दिनों उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के कई गांवों में पांडव नृत्य की धूम है, पलायन का दंश झेल रहे इन गांवों में काम से बाहर रह रहे भी लोग इन दिनों वापस आए हुए हैं उदाहरण के लिए सीमांत जनपद चमोली का किरूली गाँव। 10 बरस बाद गाँव मे पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है। पांडव नृत्य देखने के लिए गाँव की ध्याणी (शादी हुई बेटियाँ) बीते एक…

उत्तराखंड की संस्कृति को दर्शाता दिल्ली-एनसीआर का प्रसिद्ध महाकौथिग मेला शुरू, उमड़ रही है भीड़

दिल्ली एनसीआर के गाजियाबाद के इंदिरापुरम में उत्तराखंड समुदाय का महाकौथिग मेला शुरू हो गया है, इस मेले का उद्घाटन शुक्रवार को गाजियाबाद की डीएम रितु माहेश्वरी ने किया, क्योंकि इस मेले की थीम कुमाऊं के प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर पर रखी गई है और इस मेले का मंच जागेश्वर मंदिर को केंद्र में रखकर बनाया गया है, इसलिए मेले की शुरुआत उत्तराखंड के जागेश्वर मेले के मुख्य पुजारी हेमंत भट्ट…