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उत्तराखंड के पर्यटन स्थल देखें देवेन्द्र बिनवाल के साथ, आज घूमें जागेश्वर

कत्यूरी शासनकाल में निर्मित शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल जागेश्वर मंदिर समूह सदियों से शिव भक्तों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। देवदार के घने विशाल वृक्षाें से घिरे इस स्थल पर पहुंचकर एक अद्भुत आनंद की अनुभूति होती है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से 36 किमी की दूरी पर पूर्वोत्तर दिशा में घने देवदार के वनों से घिरा जागेश्वर मंदिर समूह यहां आने वाले लोगों…

शहरों की आपाधापी से दूर प्रकृति की गोद में बसा सुन्दर हर्षिल, फोटो देखिए

अगर आपको उत्तराखंड में किसी ऐसी शांत जगह की तलाश है, जो शहरों की आपाधापी से दूर हो तो आप हरसिल जा सकते हैं। उत्तरकाशी जिले में मौजूद ये जगह समुद्र तल से करीब 2619 मीटर ऊंचाई पर मौजूद है जो भागीरथी नदी के किनारे है। यहां काफी घने देवदार के पेड़ हैं, नदी का शांत बहता जल और पहाड़ों के बीच की प्राकृतिक सुंदरता आपको यहां बार-बार आने को…

हिमालय में 13500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है अद्भुत पानी का झरना, धीरे-धीरे हो रहा है लोकप्रिय

देश के अंतिम गांव माणा से सतोपंथ मार्ग पर माणा से पांच किमी की दूरी पर स्थित वसुधारा इन दिनों लोगों को बरबस ही अपनी ओर खींच रहा है। हर रोज कई पर्यटक वसुधारा के दीदार के लिए पहुंच रहे हैं। इस झरने को देखकर हर कोई अभिभूत हो रहा है। — यहाँ है वसुधारा! उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली में बैकुंठ धाम से आठ और माणा गांव से 5…

1 जून से पर्यटकों के लिए खुलेगी फूलों की घाटी, पढ़िए कैसे पहुचें

विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थल फूलों की घाटी 1 जून से पर्यटकों के लिेए खोल दी जाएगी । पर्यटन और वन विभाग की ओर से पर्यटकों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली गई है, एक बार में सीमित संख्या में ही पर्यटक घाटी में प्रवेश कर सकते हैं । आपको बता दें कि फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड में एक फूलों की घाटी का नाम है, जिसे अंग्रेजी में Valley of Flowers कहते…

नैनीताल के पास एक शांत पर्यटन स्थल पटवाडांगर, इसे फिल्म सिटी बनाने की सोच रही है सरकार

वैसे तो लगभग सभी घुम्मकडों ने नैनीताल का भृमण किया ही होगा। लेकिन कम ही लोग जानते होंगे पटवाडांगर के बारे में। पटवाडांगर का पूरा नाम राजकीय वेक्सीन संस्थान पटवाडांगर ( State Vaccine Institute) था जो अब बदल कर जी. बी. पन्त बायोटेक्नोलॉजी (G.B.Pant Biotechnology )पटवाडांगर कर दिया गया है। नैनीताल से 11 किमी. पहले हल्द्वानी नैनीताल रोड में बलदियाखान से 3 किमी. दूरी में स्थित है पटवाडांगर। 1903 में…

उत्तराखंड – बर्फ में चलानी है बाइक तो यहां आइये, आपको मिलेगी पूरी मदद

अगर आप दुर्गम बर्फीले रास्तों पर बाइक चलाना चाहते हैं तो उत्तराखंड चले आइये, यहां स्नोबाइकिंग एक साहसिक खेल के रूप में उभर रही है, और अब इसे उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से भी बढ़ावा दिया जा रहा है । यहां शीतकाल में कर्णप्रयाग, नीति घाटी, जोशीमठ, बदरीनाथ और गौचर जैसे इलाके स्नोबाइकर्स के लिये पहले से ही आकर्षण का केन्द्र रहे हैं । रविवार को इन साहसिक खेलों…

Video – उत्तराखंड के कुछ प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की जानकारी और फोटो

अपनी खूबसूरत बर्फीली वादियों के साथ साथ उत्तराखंड अगर किसी और चीज़ के लिये जाना जाता है तो वो हैं वहां के तीर्थस्थल। धनौल्टी की सुर्खन्डा देवी हो या मुन्सियारी की नन्दा देवी,बद्रीनाथ धाम हो या बद्री विशाल बर्फ से ढकी चोटियों के बीच बसे ये सभी सिद्ध्पीठ लोगों की आस्था का केन्द्र हैं और यहां दूर दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। आईये एक नज़र डालते हैं यहाँकि खूबसूरत तस्वीरों…

उत्तरकाशी के प्रसिद्ध विश्वनाथ और काली मंदिर की यात्रा, देवेन्द्र के साथ जानिए इस जगह को

विश्वनाथ मंदिर हिन्दू देवस्थानो में से सर्वाधिक सुप्रसिद्ध मंदिरों में से एक है | यह मंदिर उत्तरकाशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है |उत्तरकाशी को प्राचीन समय में विश्वनाथ की नगरी कहा जाता था एवम् कालांतर में इस स्थान को“उत्तरकाशी” कहे जाने लगा | केदारखंड और पुराणों में उत्तरकाशी के लिए ‘बाडाहाट’ शब्द का प्रयोग किया गया है और पुराणों में इसे ‘सौम्य काशी’ भी कहा गया है…

धूप निकलने पर मन को मोह रही है पंचाचुली पर्वतमाला, PHOTO और VIDEO

( इस आर्टिकल के अंत में पंचाचुली के विहंगम दृश्यों वाला Video देखें।) अब पहाड़ों पर और खासकर बर्फ से ढके हिमालयी पहाड़ों में दिन के वक्त ज्यादातर मौसम सही रहता है, सवेरे और शाम के वक्त इन पहाड़ों पर धूप पड़ती है तो इनकी सुंदरता देखने लायक होती है। पंचाचुली पर्वतमाला हिमालय की काफी उंची और दुर्गम पर्वतमालाओं में आती है। मिरर उत्तराखंड के लिए हेम लोहनी ने मुनस्यारी…

रानी है ये पहाड़ों की – मसूरी

मसूरी भारत के उत्तराखंड प्रान्त का एक नगर है। देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी उन स्थानों में से एक है जहां लोग बार-बार जाते हैं। घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है। यह पर्वतीय पर्यटन स्थल हिमालय पर्वतमाला के शिवालिक श्रेणी में पड़ता है, जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। निकटवर्ती लैंढ़ौर कस्बा भी बार्लोगंज और झाड़ीपानी सहित वृहत या…

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