ईरान युद्ध के दौरान कैसे बचा भारत? पीएम मोदी ने रैली में खोले सरकार की रणनीति के राज
4 July 2026. जयपुर/बालोतरा: राजस्थान में नई रिफाइनरी के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत की रणनीतिक तैयारियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध ने पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट में धकेल दिया, लेकिन भारत ने समय रहते सही फैसले लेकर अपने नागरिकों को इसके गंभीर प्रभाव से बचाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के कई बड़े और विकसित देश ईंधन संकट से जूझ रहे हैं, जबकि भारत ने सटीक रणनीति, संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी कूटनीति के जरिए इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया।
‘भारत ने हर स्तर पर समय रहते लिए सही फैसले’
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान कुछ लोग अफवाहें फैलाने और डर का माहौल बनाने में लगे थे, लेकिन सरकार ने चुपचाप दिन-रात काम करते हुए नीति और कूटनीतिक स्तर पर अभूतपूर्व कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि भारत ने संकट का समय रहते आकलन किया और अपनी विदेश नीति की ताकत का उपयोग करते हुए देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
LPG संकट टालने के लिए रिफाइनरियों में बदली व्यवस्था
प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध से पहले भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता था, जिसमें से 90 प्रतिशत आपूर्ति खाड़ी क्षेत्र से होती थी। युद्ध के कारण जब आपूर्ति प्रभावित हुई तो सरकार ने तत्काल रिफाइनरियों की व्यवस्था बदलकर औद्योगिक गैस को घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगाया।
उन्होंने बताया कि सिर्फ सात दिनों के भीतर देश का एलपीजी उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 54 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया। जिन रिफाइनरियों में पहले एलपीजी नहीं बनती थी, उन्हें भी तेजी से तैयार किया गया।
11 लाख घरों तक पहुंची PNG, सिलेंडर पर कम किया दबाव
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया। बहुत कम समय में 11 लाख से अधिक घरों को PNG कनेक्शन दिए गए ताकि रसोई गैस की पूरी मांग केवल एलपीजी सिलेंडरों पर न रहे।
‘2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी गैस, लेकिन कीमतें नियंत्रित रखीं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद सरकार ने कीमत 950 रुपये से नीचे रखी, जबकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 650 रुपये से कम में सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल ही में वाणिज्यिक गैस की कीमतों में भी कटौती की है।
पेट्रोल-डीजल संकट में सरकार ने उठाया 75 हजार करोड़ रुपये का बोझ
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। कई देशों में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग करनी पड़ी, लेकिन भारत में ऐसा एक दिन भी नहीं होने दिया गया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून के बीच सरकार ने 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ खुद उठाया और जनता को राहत देने के लिए प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई।
40 से ज्यादा देशों तक बढ़ाया तेल आयात का दायरा
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी विदेश नीति का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए तेल आयात करने वाले देशों की संख्या 25-26 से बढ़ाकर 40 से अधिक कर दी। उन्होंने कहा कि दुनिया को साफ संदेश दिया गया कि भारत के लिए राष्ट्रीय हित और नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि है।
‘रिफाइनरी का काम 2018 से 2023 तक रुका रहा’
राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसका एमओयू 2017 में हुआ था, लेकिन 2018 से 2023 के बीच पूर्ववर्ती राज्य सरकार के सहयोग की कमी के कारण परियोजना ठप रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आते ही काम तेजी से आगे बढ़ा और अब इसे राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है।
‘भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाला देश’
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां अमेरिका में पिछले 50 वर्षों से कोई नई रिफाइनरी नहीं बनी और यूरोप की रिफाइनिंग क्षमता लगातार घट रही है, वहीं भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाला देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस क्षमता का और विस्तार किया जाएगा।
यूरिया संकट का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर यूरिया की कीमत 3,000 रुपये प्रति बोरी से ऊपर पहुंच गई थी। इसके बावजूद सरकार ने भारी सब्सिडी देकर किसानों को करीब 300 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग तैयार किए गए, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया गया और जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की गई।
MSME के लिए बढ़ाई क्रेडिट गारंटी
प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ती लागत से बचाने के लिए Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) के अगले चरण को लागू किया गया। इसके तहत MSME को अतिरिक्त 20 प्रतिशत ऋण उपलब्ध कराया गया, जिस पर सरकार ने 100 प्रतिशत गारंटी दी।
‘140 करोड़ देशवासियों के भरोसे ने भारत को मजबूत बनाया’
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में जनता ने सरकार पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने अफवाहों और भय फैलाने की कोशिशों को नाकाम किया और देश आज अपनी जनता के विश्वास, सामर्थ्य और एकजुटता के बल पर आगे बढ़ रहा है।
अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित उत्तराखंड के समाचारों का एकमात्र गूगल एप फोलो करने के लिए क्लिक करें…. Mirror Uttarakhand News
(नंबर वन न्यूज, व्यूज, राजनीति और समसामयिक विषयों की वेबसाइट मिरर उत्तराखंड डॉट कॉम से जुड़ने और इसके लगातार अपडेट पाने के लिए नीचे लाइक बटन को क्लिक करें)
