भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी, 4,399 दिनों की विकास यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव
10 June. 2026. New Delhi. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ 4,399 दिनों की इस लंबी यात्रा के साथ उन्होंने शासन, विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है।
पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत ने आर्थिक विकास, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे के विस्तार, सामाजिक सशक्तिकरण और वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। केंद्र सरकार का कहना है कि इस पूरे दौर में विकास और जनकल्याण उसकी प्राथमिकता रहे हैं।
मोदी सरकार के गठन के महज 100 दिनों के भीतर 1.8 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए, जिससे करोड़ों नागरिक पहली बार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़े। आज यह संख्या बढ़कर 58 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जिसने वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है।
सरकार के गठन के 122 दिनों बाद शुरू की गई ‘मेक इन इंडिया’ पहल ने देश में विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दी। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रक्षा उत्पादन तक भारत आज वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम ने देश में डिजिटल क्रांति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और पारदर्शी शासन व्यवस्था के माध्यम से करोड़ों लोगों को सीधे लाभ मिला है।
देश के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में शामिल वस्तु एवं सेवा कर (GST) ने ‘एक राष्ट्र, एक बाजार’ की अवधारणा को साकार किया और कर व्यवस्था को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व विस्तार देखने को मिला है। वर्ष 2014 में जहां देश में 74 परिचालित हवाई अड्डे थे, वहीं आज उनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है। इसी प्रकार एक्सप्रेसवे नेटवर्क लगभग 1,000 किलोमीटर से बढ़कर 7,332 किलोमीटर से अधिक हो गया है।
रेलवे के आधुनिकीकरण को भी नई गति मिली है। वर्ष 2014 में 21,801 किलोमीटर रेल मार्ग विद्युतीकृत था, जो अब बढ़कर 69,873 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। इससे रेलवे नेटवर्क की दक्षता और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2014 में जहां देश में प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ मोबाइल फोन बनाए जाते थे, वहीं आज यह संख्या 33 करोड़ यूनिट से अधिक हो चुकी है।
स्टार्टअप क्षेत्र में भी भारत ने वैश्विक पहचान बनाई है। 1.4 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जो युवाओं की नवाचार क्षमता और उद्यमिता को नई उड़ान दे रहा है।
सामाजिक क्षेत्र में आयुष्मान भारत, ग्रामीण विद्युतीकरण, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए चलाई गई विभिन्न योजनाओं को सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
आर्थिक प्रगति का प्रभाव प्रति व्यक्ति आय में भी दिखाई देता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014 में देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी ₹86,647 थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर ₹2,43,180 तक पहुंच गई है।
‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए यह उपलब्धि केवल एक राजनीतिक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पिछले 4,399 दिनों में देश की विकास यात्रा, सुशासन और जनकल्याण के प्रयासों का प्रतीक मानी जा रही है।
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