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लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी किया अपना घोषणापत्र, न्यूनतम आय गारंटी और रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी किया अपना घोषणापत्र, न्यूनतम आय गारंटी और रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर

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by April 2, 2019 News

कांग्रेस ने आज लोकसभा चुनाव के लिए घोषणा-पत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र में पार्टी ने गरीबों के लिए न्यूनतम आय की गारंटी और रोजगार उपलब्ध कराने के वायदे किए हैं। नई दिल्ली में एक जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि न्याय योजना के अन्‍तर्गत न्यूनतम आय गारंटी योजना के तहत पार्टी ने पांच करोड़ गरीब परिवारों को वार्षिक 72 हजार रुपये उपलब्ध कराने का वायदा किया है। छह हजार रुपये की मासिक  किस्त के रूप में उनके बैंक खातों में जमा कराई जायेगी। राहुल गांधी ने कहा… “मेनिफेस्‍टो में पांच बड़े आ‍इडिया है। सबसे पहला थीम न्‍याय का थीम और दूसरा काम रोजगार और किसान। हमने निर्णय लिया है अगर किसान कर्जा ना दे पाए तो वह क्रिमिनल ऑफेंस ना हो, वो सिविल ऑफेंस हो। शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य, नेशनल और इंटरनल सिक्‍योरिटी है। उस पर हमारा जबरदस्‍त फोकस होगा। “

रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी ने मार्च 2020 तक 22 लाख रिक्त पदों को भरने का वायदा किया है और ग्राम पंचायतों में दस लाख युवाओं को रोजगार दिए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी द्वारा मनरेगा की आलोचना के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आई तो वर्तमान एक सौ मानव दिवस को बढ़ाकर डेढ़ सौ कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि तीन वर्षों तक भारतीय युवाओं को अपना व्यापार शुरू करने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं होगी। 

शिक्षा के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने वादा किया है कि सकल घरेलू उत्पाद का छह प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया जाएगा और किसानों की चिंताओं के समाधान के लिए बजट में अलग से प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि घोषणा पत्र में किसानों द्वारा ऋण अदा न करने को आपराधिक नहीं, बल्कि दिवानी अपराध समझा जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम की समीक्षा का वायदा किया है और नीति आयोग के स्थान पर योजना आयोग के पुनर्गठन का वायदा किया है।

पार्टी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीट आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने को भी कहा है। सरकारी क्षेत्र के बैंकों को स्वस्थ लेखा-जोखा के माध्यम से और मजबूत करने तथा प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए व्यापक समीक्षा की जाएगी।

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