चमोली में टीएचडीसी टनल हादसा: 9 श्रमिकों की मौत, 6 की तलाश जारी, CM धामी ने संभाली रेस्क्यू की कमान
14 August 2026. Gopeshwar, Chamoli. उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। सुरंग में भारी मलबा और पानी भरने से वहां काम कर रहे कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अब तक 9 श्रमिकों की मौत की सूचना है, जबकि 6 अन्य श्रमिकों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हादसा गुरुवार, 13 अगस्त को शाम करीब पौने सात बजे हुआ। घटना के समय सुरंग में 25 से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि हादसा परियोजना की करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग के भीतर लगभग 1.8 किलोमीटर की दूरी पर हुआ। उस समय सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था।
16 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू
प्रशासन की ताजा जानकारी के अनुसार सुरंग में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। इनमें से 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। 10 घायल श्रमिकों का इलाज जिला अस्पताल गोपेश्वर, एक का श्रीनगर और एक का पीपलकोटी में उपचार चल रहा है। वहीं, एक घायल को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
सीएम धामी ने देर रात संभाली रेस्क्यू की कमान
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव अभियान की समीक्षा की और सुरंग में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके उपचार एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
SDRF, NDRF, ITBP और सेना की टीमें जुटीं
मुख्यमंत्री ने चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार समेत एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। घटनास्थल पर जिलाधिकारी स्वयं मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
सभी एजेंसियों की टीमें संयुक्त रूप से बचाव अभियान में जुटी हैं। घटनास्थल पर आवश्यक मशीनरी, संसाधन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने डिप्टी सीएमओ से भी बातचीत कर घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर के जरिए एम्स या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाए।
444 मेगावाट की परियोजना का 70 फीसदी काम पूरा
विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की कुल क्षमता 444 मेगावाट है। टीएचडीसी-एनटीपीसी की ओर से बनाई जा रही इस परियोजना का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी सामने आई है। हादसा निर्माणाधीन सुरंग के उस हिस्से में हुआ, जहां श्रमिक पैकिंग का काम कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि हादसे में प्रभावित अधिकांश श्रमिक बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
मुख्य सचिव समेत अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव विनोद कुमार सुमन समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान पूरी ताकत और समन्वय के साथ जारी रहेगा।
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