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आस्था का विराट स्वरूप: लगभग 5 करोड़ शिवभक्त पहुंचे हरिद्वार, वहीं चारधाम यात्रा में 114  दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख पार

आस्था का विराट स्वरूप: लगभग 5 करोड़ शिवभक्त पहुंचे हरिद्वार, वहीं चारधाम यात्रा में 114 दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख पार

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by August 11, 2026 News

11 August 2026. Dehradun. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा कि “कांवड़ मेला-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में सहभागी बने देशभर से आए सभी शिवभक्तों का हृदय से आभार एवं अभिनन्दन। इस वर्ष देवभूमि उत्तराखण्ड ने श्रद्धा के ऐसे विराट स्वरूप का साक्षात्कार किया, जहां करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के साथ सेवा, अनुशासन और व्यवस्था का अद्भुत समन्वय दिखाई दिया। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और उत्तराखण्ड की सेवा एवं आतिथ्य परंपरा में उनके विश्वास को दर्शाता है। इस विशाल जनसमागम को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों का योगदान सराहनीय रहा। महादेव से प्रार्थना है कि समस्त शिवभक्तों पर उनकी कृपा बनी रहे और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों।

चारधाम यात्रा : 114 दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख पार

पिछले वर्ष के मुकाबले यात्रियों की संख्या 4.68 लाख अधिक

तीर्थयात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखण्ड में मानसून की बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यात्रा को नियंत्रित और आवश्यकता के अनुसार रोककर संचालित कर रही है, लेकिन तीर्थयात्रियों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है।
114 दिनों में ही दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख के पार पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में साढ़े चार लाख से अधिक है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को बेहद सतर्कता और निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद राज्य आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से आपदा प्रबंधन पर नजर रखे हुए हैं। चारों धामों और यात्रा पड़ावों में यात्रियों के ठहरने, खाने और अन्य सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की मदद के लिए सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है।

प्रदेश सरकार के बेहतर आपदा प्रबंधन और इंतजामों के चलते यात्रा नया कीर्तिमान बनाने की ओर बढ़ रही है। इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन के साथ चारधाम यात्रा का आगाज हुआ था। सोमवार 10 अगस्त तक इस यात्राकाल के 114 दिनों में कुल 47 लाख 02 हजार 703 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इतनी ही अवधि में 42 लाख 34 हजार 147 यात्री चारधाम दर्शन को पहुंचे थे। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 04 लाख 68 हजार 556 अधिक है। चारों धामों में अब तक की कुल संख्या की बात करें तो बद्रीनाथ में 16 लाख 12 हजार 112, केदारनाथ में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री में 07 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री धाम में 06 लाख 62 हजार 347 यात्री दर्शन कर चुके हैं। जबकि हेमकुंट साहिब में 02 लाख 40 हजारे 499 श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं।

चारों धामों में एक दिन में पहुंचे 15 हजार से अधिक श्रद्धालु
मौसम लगातार खराब होने और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार को 15 हजार 376 श्रद्धालु चारधाम दर्शन को पहुंचे। इनमें सर्वाधिक 9559 यात्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे। जबकि केदारनाथ में 4170, गंगोत्री में 1204 और यमुनोत्री धाम में 443 श्रद्धालुओं न दर्शन किए।

बद्रीनाथ पहुंचे 16.12 लाख से अधिक श्रद्धालु
भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों को श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा सोमवार 10 अगस्त को 110 दिन की अवधि पूर्ण कर चुकी है। इस दौरान 16 लाख 12 हजार 112 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम में शीश नवा चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 03 लाख 50 हजार 192 अधिक तीर्थयात्री दर्शनों को पहुंच चुके हैं। पिछले वर्ष 04 मई 2025 को बद्रीनाथ यात्रा का श्रीगणेश हुआ था। तब 21 अगस्त यानी 110 दिन में यह आंकड़ा 12 लाख 61 हजार 280 था।

चारधाम यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू हो सके। भूस्खलन या अन्य किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को मौसम के मिजाज को देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

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