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पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त पीएम मोदी ने की जारी, किसानों के खाते में आए 18 हज़ार करोड़ रुपये

पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त पीएम मोदी ने की जारी, किसानों के खाते में आए 18 हज़ार करोड़ रुपये

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by March 13, 2026 News

13 March. 2026. Guwahati. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज असम के गुवाहाटी से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत ₹18,000 करोड़ से अधिक राशि पूरे देश के करोड़ों अन्नदाताओं के खातों में अंतरित की।प्रधानमंत्री ने बताया कि असम के चायबागानों से जुड़े कई परिवारों को ज़मीन के पट्टे भीदिए गए हैं। श्री मोदी ने कहा, “मैं असम के लोगों को, यहाँ के सभी परिवारों को और पूरे देश के किसानोंको दिल से बधाई देता हूँ।”प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश से किसान, माँकामाख्या की पवित्र धरती से इस कार्यक्रम से जुड़ेहुए हैं। श्री मोदी ने बताया कि करोड़ों किसानों कोपहले ही संदेश मिल चुके हैं, जिनसे उनके खातों मेंपीएम किसान निधि जमा होने की पुष्टि होती है।प्रधानमंत्री ने इस योजना को सचमुच असाधारणबताया। श्री मोदी ने याद दिलाया कि ये वही किसानभाई-बहन हैं, जिनमें से ज़्यादातर लोगों के पास 2014 से पहले न तो मोबाइल फ़ोन था और न ही बैंकखाता। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक, ऐसे करोड़ोंकिसानों के खातों में ₹4.25 लाख करोड़ से ज़्यादाजमा किए जा चुके हैं। श्री मोदी ने खास तौर परबताया कि अकेले असम में ही लगभग 19 लाखकिसानों को अब तक लगभग ₹8,000 करोड़ मिलचुके हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “यहकुछ ऐसा है जिसकी बराबरी दुनिया के विकसित देशभी नहीं कर सकते; एक क्लिक से, पैसा सीधे करोड़ोंकिसानों तक पहुँच जाता है।”श्री मोदी ने कहा, “आज, सम्मान निधि योजना देश केछोटे किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का माध्यमबन गई है।” प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि मौजूदासरकार के लिए, किसानों के कल्याण से ज़्यादाज़रूरी कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष में, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में ₹20 लाख करोड़ से ज़्यादा मिले हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्ष में, मौजूदासरकार ने देश के किसानों के चारों ओर मज़बूतसुरक्षा कवच बुना है। श्री मोदी ने बताया कि चाहे वहएमएसपी हो, सस्ते ऋण हों, फ़सल बीमा हो, यापीएम किसान सम्मान निधि हो, ये योजनाएँ किसानोंके लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई हैं। प्रधानमंत्री नेयह भी कहा कि सरकार ने इस बात का विशेष ध्यानरखा है कि अंतरराष्ट्रीय संकटों का असर खेती-बाड़ीऔर कृषि पर न पड़े। श्री मोदी ने याद दिलाया किकोविड महामारी और उसके बाद हुए युद्धों की वजहसे, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में खाद की कीमतें कई गुनाबढ़ गई थीं, और विदेशी बाज़ारों से खाद खरीदनाबेहद मुश्किल हो गया था। प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकरकहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को इस संकट सेबचाने के लिए हर संभव कोशिश की। उन्होंने बतायाकि यूरिया का एक कट्टा, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीयबाज़ार में ₹3,000 है, सरकार ने भारतीय किसानों कोसिर्फ़ ₹300 में उपलब्ध कराया है। श्री मोदी ने ज़ोरदेकर कहा, “सरकार ने अपने ही खजाने से 12 लाखकरोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च किए हैं, ताकि दुनिया भरमें उर्वरक की कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ हमारेकिसानों पर न पड़े।”प्रधानमंत्री ने इस बात की जानकारी दी कि पिछलेएक दशक में, मौजूदा सरकार ने आत्मनिर्भरता कीदिशा में बहुत बड़ी पहल की है। श्री मोदी ने कहा किबाहरी संकटों से कृषि को बचाने के लिएआत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया गया है।

प्रधानमंत्री नेकहा कि आज़ाद भारत में, यह बार-बार देखा गया हैकि दुनिया के दूसरे हिस्सों में होने वाले युद्ध यासप्लाई चेन में रुकावटों के कारण भारतीय किसानोंको मुश्किलों का सामना करना पड़ता था—कभीउर्वरक महंगे हो जाते थे, तो कभी डीज़ल और ऊर्जाकी कीमतें आसमान छूने लगती थीं।प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का विज़न खेती को नईप्रौद्योगिकी से जोड़ना, किसानों को सिंचाई के नएतरीकों से जोड़ना और यह सुनिश्चित करना है किफसलों को भी इसका फ़ायदा मिले। श्री मोदी ने कहाकि इसी उद्देश्य से सरकार ने ‘हर बूंद, ज़्यादा फ़सल’ की नीति अपनाई और किसानों तक ड्रिप औरस्प्रिंकलर सिस्टम जैसी माइक्रो-इरिगेशन टेक्नोलॉजीपहुँचाई। प्रधानमंत्री ने बताया कि इससे सिंचाई मेंसुधार हुआ है और लागत भी कम हुई है। श्री मोदी नेबताया कि सरकार अब खेतों को सोलर पंप से जोड़नेपर काम कर रही है, ताकि डीज़ल पर होने वालाकिसानों का खर्च कम से कम हो सके। प्रधानमंत्री नेबताया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘कुसुमयोजना’ ठीक इसी उद्देश्य के लिए बनाई गई है। श्रीमोदी ने ज़ोर देकर कहा, “आज कई किसान न सिर्फ़सोलर पंप से सिंचाई कर रहे हैं, बल्कि बिजली भीबना रहे हैं और उससे पैसे भी कमा रहे हैं।”प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार खाद और कीटनाशकोंपर किसानों की निर्भरता कम करने के लिए लगातारप्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि मौजूदासरकार ने खाद फ़ैक्टरियों को फिर से चालू किया हैऔर किसानों को ‘नैनो यूरिया’ से जोड़ने के लिए कईपहल की हैं; आज देश के किसान इसका फ़ायदाउठा रहे हैं। श्री मोदी ने यह भी कहा कि मौजूदासरकार अब किसानों को ‘प्राकृतिक खेती’ अपनाने केलिए प्रोत्साहित कर रही है। श्री मोदी ने ज़ोर देकरकहा, “जब किसान बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेतीअपनाएँगे, तो मिट्टी सुरक्षित रहेगी और हमारेअन्नदाता भी वैश्विक संकटों से बचे रहेंगे।”प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार किसानों केलिए दिन-रात काम कर रही है और देश कोआत्मनिर्भर बना रही है।

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