प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में भारतीय मूल के मंत्री, सीनेटर, सांसद और आजाद हिंद फौज (इंडियन नेशनल आर्मी-आईएनए) के वेटरन से मुलाकात की, मलेशिया के उद्योगपतियों से भी बातचीत की
8 February 2026. प्रधानमंत्री ने आज मलेशिया में भारतीय प्रवासियों के प्रमुख सदस्यों और नेताओं के साथ संवाद किया। इन गणमान्य व्यक्तियों में मंत्री, सीनेटर, सांसद और आजाद हिंद फौज (इंडियन नेशनल आर्मी-आईएनए) के वेटरन शामिल थे। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे: मिनिस्टर ऑफ डिजिटल तुआन गोबिंद सिंह देव, मानव संसाधन मंत्री दातो श्री रमणन रामकृष्णन, डिप्टी मिनिस्टर इन प्राइम मिनिस्टर डिपार्टमेंट एम. कुलसेगरन, डिप्टी मिनिस्टर ऑफ नेशनल यूनिटी आर. युनेस्वरन एवं अन्य।

प्रधानमंत्री ने मलेशिया की प्रगति और विकास में तथा भारत-मलेशिया संबंधों को सुदृढ़ करने में भारतीय प्रवासियों के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। भारतीय मूल के नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के निर्माण में प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भारत-मलेशिया संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में की गई पहलों के प्रति अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने भारत के परिवर्तनकारी बदलाव के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण और विभिन्न योजनाओं की भी सराहना की।
भारतीय मूल के नेताओं ने मलेशिया में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों हेतु प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया, जिनमें शामिल हैं: (i) मलेशिया में भारत का पहला वाणिज्य दूतावास खोलने का निर्णय; (ii) यूनिवर्सिटी मलाया में तिरुवल्लुवर सेंटर स्थापित करने की घोषणा; (iii) तिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप की शुरुआत; (iv) मलेशिया में रहने वाले छठी (6वीं) पीढ़ी के भारतीय मूल के लोगों के लिए ओसीआई कार्ड का विस्तार; और (v) मलेशियाई भारतीय छात्रों के लाभ के लिए इंडियन स्कॉलरशिप ट्रस्ट फंड (आईएसटीएफ) में 3 मिलियन मलेशियाई रिंगिट (आरएम) की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान करना।
प्रधानमंत्री ने आजाद हिंद फौज (इंडियन नेशनल आर्मी-आईएनए) की बालक सेना के वयोवृद्ध सदस्य दातो जयराज राजा राव और नेताजी वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री राधाकृष्णन से भी मुलाकात की। उन्होंने आईएनए और उसके सैनिकों के अविस्मरणीय साहस और बलिदान की गहरी सराहना की। उन्होंने एक सशक्त और आधुनिक भारत के निर्माण के नेताजी के विजन के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
पीएम मोदी ने मलेशिया के 4 उद्योगपतियों से भी बातचीत की। उन्होंने पेट्रोनास के अध्यक्ष और समूह सीईओ तन श्री तेंग्कू मुहम्मद तौफिक; बरजाया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक तन श्री दातो सेरी विंसेंट तन ची यिउन;खज़ानाह नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक दातो अमीरुल फैसल वान ज़ाहिर; और फ़िसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो पुआ खेन सेंग से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते व्यापार-से-व्यापार संबंधों और भारतीय विकास गाथा में मलेशियाई कंपनियों की गहरी रुचि की सराहना की। उन्होंने व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने और एक स्थिर, कुशल और पूर्वानुमानित व्यापार एवं नीतिगत वातावरण बनाने के लिए हाल के वर्षों में भारत में की गई पहलों और सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने मलेशियाई व्यवसायों को विशेष रूप से अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा आदि क्षेत्रों में भारत द्वारा प्रदत्त अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने 7 फरवरी 2026 को कुआला-लंपुर में आयोजित होने वाले 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम की सराहना की और आशा व्यक्त की कि इन चर्चाओं से भारत-मलेशिया व्यापार और निवेश संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
उद्योग जगत के प्रमुखों ने भारत सरकार द्वारा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में किए गए सुधारों की प्रशंसा की और भारत की विकास गाथा में दृढ़ विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने अपने निवेश पोर्टफोलियो का विस्तार करके और भारतीय समकक्षों के साथ संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं को तलाशकर भारत में अपनी व्यावसायिक उपस्थिति बढ़ाने में गहरी रुचि दिखाई।
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