Skip to Content

Uttarakhand : 2017 के बाद आपदा प्रभावित 83 गांव और 1447 परिवार हुए पुनर्वासित, उच्च स्तरीय बैठक में सामने आए तथ्य

Uttarakhand : 2017 के बाद आपदा प्रभावित 83 गांव और 1447 परिवार हुए पुनर्वासित, उच्च स्तरीय बैठक में सामने आए तथ्य

Closed
by October 13, 2021 News

Dehradun, 13 Oct 2021 : प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गांवों/ परिवारों को दूसरी जगह बसाने की पुनर्वास नीति 2011 के तहत राज्य में कुल 83 गांव एवं 1447 परिवारों को पुनर्वासित किया गया है, जिसके लिए 61 करोड़ 2 लाख 35 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई। जिसमें से वर्ष 2017 से पहले 2 गांवों के 11 परिवारों को जबकि वर्ष 2017  के बाद से 81 गांवों के 1436 परिवारों को पुनर्वासित किया गया।  गढ़वाल मण्डल के अन्तर्गत चमोली जनपद के 15 गांवों के 279 परिवार, उत्तरकाशी जनपद के 5 गावों के 205 परिवार, टिहरी जनपद के 10 गांवों के 429 परिवार एवं रूद्रप्रयाग जनपद के 10 गांवों के 136 परिवार पुनर्वासित किये गये। जबकि कुमाऊं मण्डल के अन्तर्गत पिथौरागढ़ के 31 गांवों के 321 परिवार, बागेश्वर जनपद के 9 गांवों के 68 परिवार, नैनीताल जनपद के 01 गांव के 1 परिवार एवं अल्मोड़ा जनपद के 2 गांवों के 8 परिवार विस्थापित किये गये। ये तथ्य सीएम पुष्कर सिंह धामी द्वारा ली गई एक महत्वपूर्ण बैठक में सामने आए।

दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में अन्तरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि पुनर्वासित परिवारों को पुनर्वास क्षेत्र में बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पर्याप्त व्यवस्था हो। जिन पुनर्वासित गांवों को सड़क से जोड़ा जाना है, उनकी सूची जल्द शासन को उपलब्ध कराई जाय। पुनर्वासित गांवों में मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए व्यवस्था मनरेगा से कन्वरजेंस एवं जिलाधिकारी के नियंत्रणाधीन विभिन्न फंडों से की जाय। इसके बाद भी कोई परेशानी हो तो मामला शासन स्तर पर लाया जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से आठ जनपदों के पुनर्वासित गांवों के लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समस्याओं का उचित हल निकालने का प्रयास किया जायेगा। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों का लगातार सर्वे किया जाय। सर्वे के बाद जिन गांवों एवं परिवारों को तत्काल पुनर्वासित करने की आवश्यकता है, उसकी सूची भी जल्द उपलब्ध कराई जाय। पुनर्वासित परिवारों के लिए भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार धनराशि दी गई है। पुनर्वासित क्षेत्र में अवस्थापना विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों का कोविड से निधन हुआ उन्हें आपदा मद से 50 हजार रूपये की धनराशि देने की व्यवस्था की जा रही है। 

( उत्तराखंड की नंबर वन न्यूज, व्यूज, राजनीति और समसामयिक विषयों की वेबसाइट मिरर उत्तराखंड डॉट कॉम से जुड़ने और इसके लगातार अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर Uttarakhand Mirror से जुड़ें, अगर आप वेबसाइट पर हैं तो नीचे लाइक बटन क्लिक करें )

अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित उत्तराखंड के समाचारों का एकमात्र गूगल एप फोलो करने के लिए क्लिक करें…. Mirror Uttarakhand News या गूगल पर सर्च करें Mirror Uttarakhand News)

Previous
Next
Loading...