नॉर्वे में पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत-नॉर्डिक संबंधों का नया अध्याय, तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ की घोषणा
19 May 2026. ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भाग लिया। समिट में भारत की ओर से प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भाग लिया। सम्मेलन की मेज़बानी नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre ने की। इसके अलावा डेनमार्क की कार्यवाहक प्रधानमंत्री Mette Frederiksen, फिनलैंड के प्रधानमंत्री Petteri Orpo, आइसलैंड की प्रधानमंत्री Kristrún Frostadóttir और स्वीडन के प्रधानमंत्री Ulf Kristersson भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान भारत और नॉर्डिक देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने का फैसला करते हुए उन्हें “ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक ले जाने की घोषणा की। यह पहल टिकाऊ विकास, हरित प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्वच्छ आर्थिक विकास पर साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है।
वैश्विक चुनौतियों पर साझा रणनीति
नेताओं ने मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और तेज़ी से बदलती तकनीकी दुनिया पर चर्चा की। सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, लैंगिक समानता और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के समर्थन को दोहराया। यूरोप और पश्चिम एशिया के संघर्षों सहित अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
व्यापार, निवेश और नई आर्थिक संभावनाओं पर ज़ोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने हरित परिवर्तन, ब्लू इकॉनमी, जहाज निर्माण, ग्रीन शिपिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और रक्षा क्षेत्रों में नॉर्डिक निवेश को आमंत्रित किया। साथ ही नॉर्डिक देशों को गुजरात स्थित GIFT City में अवसर तलाशने का भी निमंत्रण दिया।
जलवायु, ऊर्जा और AI सहयोग बना प्रमुख एजेंडा
बैठक में जलवायु कार्रवाई और नवीकरणीय ऊर्जा पर व्यापक चर्चा हुई। नॉर्डिक देशों ने भारत की महत्वाकांक्षी हरित ऊर्जा योजनाओं की सराहना की और Mission LiFE तथा Leadership Group for Industry Transition जैसे प्रयासों के प्रति समर्थन जताया।
इसके साथ ही सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, औद्योगिक अनुसंधान, डिजिटलीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और STEM क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। नेताओं ने मानव-केंद्रित और समावेशी AI विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
आर्कटिक रिसर्च और आतंकवाद पर सहयोग
शिखर सम्मेलन में आर्कटिक और ध्रुवीय अनुसंधान को लेकर भी चर्चा हुई। भारत और नॉर्डिक देशों ने संयुक्त शोध परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई। भारत की Arctic Council में पर्यवेक्षक के रूप में सक्रिय भूमिका की भी सराहना की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष हुए Pahalgam terror attack के बाद नॉर्डिक देशों द्वारा व्यक्त समर्थन और एकजुटता के लिए आभार व्यक्त किया तथा आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई।
अगला शिखर सम्मेलन फिनलैंड में
सम्मेलन के अंत में नेताओं ने लोगों के बीच बढ़ते संपर्क, संस्कृति, पर्यटन और प्रतिभा गतिशीलता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही निर्णय लिया गया कि अगला इंडिया-नॉर्डिक समिट Helsinki में पारस्परिक सहमति से आयोजित किया जाएगा।
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