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लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग, 2036 ओलंपिक के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट, परमाणु ऊर्जा और सेमीकंडक्टर पर भी बड़ा फोकस

लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग, 2036 ओलंपिक के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट, परमाणु ऊर्जा और सेमीकंडक्टर पर भी बड़ा फोकस

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by August 15, 2026 News

15 August 2026. नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को सामने रखते हुए कई बड़े ऐलान किए। प्रधानमंत्री के संबोधन में आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और रक्षा क्षमता को प्रमुख स्थान मिला।

प्रधानमंत्री ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि AI तेजी से दुनिया को बदल रहा है और भारत के युवाओं को इस तकनीक में सक्षम बनाना जरूरी है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सकें।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर महंगी कोचिंग का बोझ कम करने के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क विकसित करने की घोषणा की। इसके लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों और उपलब्ध प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने की बात कही गई।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज

खेलों के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट की घोषणा की। गांवों, शहरों और स्कूलों में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में उन खेलों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें भारत अभी तक पर्याप्त भागीदारी या सफलता हासिल नहीं कर पाया है।

आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए सिविल डिफेंस नेटवर्क

प्रधानमंत्री ने बदलते युद्ध और सुरक्षा के स्वरूप का जिक्र करते हुए देश में सशक्त और आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक संघर्ष केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं और रिफाइनरी, बैंकिंग व्यवस्था, डेटा सेंटर, कारखानों तथा अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सदी के युद्धों को ध्यान में रखकर बनाए गए सिविल डिफेंस ढांचे को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप बदलने की जरूरत है। इसके तहत नागरिकों को आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से परिचित कराने और बड़े स्वयंसेवी सिविल डिफेंस बल के निर्माण पर जोर दिया जाएगा।

सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता पर जोर

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर को डिजिटल और तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और इनसे उत्पादन का निर्यात भी शुरू हो गया है।

आने वाले सात-आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किए जाने की दिशा में काम करने की बात प्रधानमंत्री ने कही।

2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य

AI, डेटा सेंटर और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत की महत्वपूर्ण शर्त बताया। उन्होंने 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य है। उन्होंने फास्ट ब्रीडर परमाणु तकनीक में भारत की उपलब्धि को भी महत्वपूर्ण बताया और इसे परमाणु ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।

अब 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

महिला नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि पहले निर्धारित तीन करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक अगले तीन करोड़ लखपति दीदियों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी।

12 वर्षों की उपलब्धियों का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों में भारत में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए विनिर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं, ऊर्जा, शिक्षा, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रगति के आंकड़े सामने रखे।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना, खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादन करीब पांच गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण करीब सात गुना और मोबाइल फोन उत्पादन करीब 35 गुना बढ़ा है। आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन भी करीब 21 गुना बढ़ने का दावा किया गया।

डिजिटल क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना बढ़ी है, पेटेंट ग्रांट चार गुना और डिजिटल लेनदेन करीब 100 गुना बढ़े हैं।

सामाजिक सुरक्षा का दायरा 25 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़

प्रधानमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा के विस्तार को सरकार की बड़ी उपलब्धियों में गिनाया। उनके अनुसार 2014 से पहले करीब 25 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थे, जबकि अब करीब 100 करोड़ भारतीय किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। आयुष्मान भारत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लाभार्थी परिवारों ने अनुमानित 2 लाख करोड़ रुपये के चिकित्सा खर्च से राहत हासिल की है।

रक्षा निर्यात में 50 गुना से ज्यादा वृद्धि का दावा

प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा निर्यात 50 गुना से अधिक बढ़ा है और भारतीय रक्षा उपकरण अब करीब 100 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं।

रेलवे, सौर ऊर्जा और गैस नेटवर्क का विस्तार

प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे विद्युतीकरण में भारत ने बड़ी प्रगति की है और देश में लगभग पूर्ण विद्युतीकरण की दिशा में काम आगे बढ़ा है। साथ ही भारत में पहला स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन विकसित करने पर भी काम हो रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र में उन्होंने बताया कि 2014 में करीब 2 गीगावाट रही सौर ऊर्जा क्षमता अब लगभग 160 गीगावाट तक पहुंच गई है। सिटी गैस वितरण भी 2014 के 70 से कम शहरों से बढ़कर करीब 700 शहरों तक पहुंचने की बात कही गई।

युवाओं को स्टार्टअप, स्पेस और रिसर्च के नए अवसर

प्रधानमंत्री ने युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी, ड्रोन नीति और खेलों में नए अवसरों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि देश में करीब 2.5 लाख पंजीकृत स्टार्टअप हैं। इसके साथ ही एक लाख करोड़ रुपये के रिसर्च फंड, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी और ड्रोन सेक्टर में बढ़ते अवसरों को भी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर ‘विकसित भारत’ का रोडमैप

प्रधानमंत्री का इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस संबोधन मुख्य रूप से 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम भारत की दिशा तय करने पर केंद्रित रहा। AI से लेकर परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर से लेकर रक्षा और खेल से लेकर महिला नेतृत्व वाले विकास तक, सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखे।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और तकनीकी क्षमता को भारत की अगली बड़ी छलांग का आधार बताते हुए देशवासियों से विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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